Thursday, 29 July 2021

आरती : ॐ जय शिव ओंकारा

Om Jai Shiv Onkara              आरती  ॐ जय शिव ओंकारा 



ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा, 
विष्णु, सदाशिव ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा 
ॐ जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा 
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॐ जय शिव ओंकारा 

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे स्वामी पञ्चानन राजे 
हंसासन गरूड़ासन
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॐ जय शिव ओंकारा 

दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज ते सोहे स्वामी दसभुज ते सोहे 
तीनों रूप निरखता तीनों रूप निरखता त्रिभुवन मन मोहे 
ॐ जय शिव ओंकारा 

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी स्वामी मुण्डमाला धारी 
चन्दन मृगमद चंदा चन्दन मृगमद चंदा भोले शुभ कारी 
ॐ जय शिव ओंकारा


श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघाम्बर अंगे स्वामी बाघाम्बर अंगे 
ब्रह्मादिक संतादिक ब्रह्मादिक संतादिक भूतादिक संगे 
ॐ जय शिव ओंकारा 

कर मध्ये च’कमण्ड चक्र त्रिशूलधरता स्वामी चक्र त्रिशूलधरता 
जग कर्ता जग हरता जग कर्ता जग हरता जगपालन करता 
ॐ जय शिव ओंकारा 

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव जानत अविवेका स्वामी जानत अविवेका 
प्रनाबाच्क्षर के मध्ये प्रनाबाच्क्षर के मध्ये ये तीनों एका 
ॐ जय शिव ओंकारा

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ जन गावे स्वामी जो कोइ जन गावे 
कहत शिवानन्द स्वामी कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे 
ॐ जय शिव ओंकारा 
ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव 
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॐ जय शिव ओंकारा 
ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॐ जय शिव ओंकारा





No comments:

Post a Comment