Thursday, 29 July 2021

आरती : (सत्यनारायण जी की)

      आरती सत्यनारायण जी की             


जय लक्ष्मी रमणा स्वामी श्री लक्ष्मी रमणा , सत्यनारायण स्वामी सत्यनारायण स्वामी 

जन पातक हरणा , ॐ जय लक्ष्मी रमणा  II 

रतन जड़ित सिंहासन अदभुत छवि राजे , स्वामी अदभुत छवि राजे 

नारद करत नीराजन , नारद करत नीराजन घंटा वन बाजे, ॐ जय लक्ष्मी रमणा II

प्रकट भए कलिकारण द्विज को दरस दियो , स्वामी द्विज को दरस दियो 

बूढ़ा ब्राह्मण बनकर- बूढ़ा ब्राह्मण बनकर , कंचन महल कियो ॐ जय लक्ष्मी रमणा II

दुर्बल भील कुठारी जिन पर कृपा करी , स्वामी जिन पर कृपा करी 

चंद्रचूड़ एक राजा चंद्रचूड़ एक राजा , तिनकी विपत्ति हरि ॐ जय लक्ष्मी रमणा II

वैश्य मनोरथ पायो श्रद्धा तज दीन्ही , स्वामी श्रद्धा तज दीन्ही सो फल भाग्यो प्रभुजी 

सो फल भाग्यो प्रभुजी , फिर अस्तुति किन्ही ॐ जय लक्ष्मी रमणा II

भाव भक्ति के कारण छिन-छिन रूप धरयो , स्वामी छिन-छिन रूप धरयो 

श्रद्धा धारण किनी श्रद्धा धारण किनी , तिनके काज सरयो ॐ जय लक्ष्मी रमणा II


चढत प्रसाद सवायो कदली फल मेवा , स्वामी कदली फल मेवा 

धूप-दीप-तुलसी से धूप-दीप-तुलसी से , राजी सत्यदेवा ॐ जय लक्ष्मी रमणा II

सत्यनारायणजी की आरती जो कोई नर गावै , स्वामी जो कोई नर गावै 

तन मन सुख संपती तन मन सुख संपती , मनवांछित फल पावे ॐ जय लक्ष्मी रमणा II

जय लक्ष्मी रमणा स्वामी श्री लक्ष्मी रमणा , सत्यनारायण स्वामी सत्यनारायण स्वामी 

जन पातक हरणा ॐ जय लक्ष्मी रमणा ॐ जय लक्ष्मी रमणा ॐ जय लक्ष्मी रमणा II

Shri Satyanarayan Ji Aarti

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